दिल खुश हो जाता है
जब बीते दिन याद आते है
दिल खुश हो जाता है।
तुम्हारा मेरा मिलना याद कर
दिल खुश हो जाता है।
कभी मिले थे मंदिर के पीछे
पानी भरने के बहाने
कभी लड़े थे स्कुल में
कॉपी छुपाने के बहाने
और वो हर शनिवार
मेरा गीत गा कर तुम्हे मनना
दिल खुश हो जाता है।
वो घर के बहार सर में टोपी लगा कर तुम्हारा बैठना
और साइकल गुजरते तुम्हे देख मेरा मुस्कुराना
दिल खुश हो जाता है।
तेरे बाल को मेरा छूना
और तेरा बाल थूक थूकाना
जब याद आते है वो पल
दिल खुश हो जाता है।
रोज सुबह जल्दी स्कुल जाना
और तेरे आने के इंतज़ार में वक्त गुजरना
और तेरे आते ही मेरा मुस्कुराना
दिल खुश हो जाता है।
तेरी हर एक ख़ुशी के लिए
अपनी हर एक खुशियां दबाना
दिल खुश हो जाता है।

रचना:- ओंकार